Thursday, September 9, 2021

बाजीगरी कर रहे निर्माण निगम के एमडी, कायदे कानून को दिखाया ठेंगा

rnn-dainikduniaलखनऊ।। राजकीय निर्माण निगम (आरएनएन) हर दिन भष्ट्राचार का नया कीर्तिमान बना रहा है और यूपी सरकार उदासीन है। आरएनएन के एमडी हैं आरके गोयल। पिछले दिनों आरएन यादव की बिदाई के बाद इनकी तैनाती की गई है, लेकिन आरके गोयल आरएन यादव से भी बढ़कर हैं। इनके लिए कायदे-कानून मायने नहीं रखते हैं। सरकार का भी डर इन्हें नहीं है। यहां हर काम मनमानी तरीके से हो रहा है।

निर्माण निगम के एमडी आरके गोयल ने आपने निजी सचिव एनएन जोशी के सेवा निवृत्ति से पंद्रह दिन पूर्व गलत तरीके से पदोन्नित दे दिया, जबकि एनएन जोशी ने यहां पर मलाईदार पद पर तैनाती होने की वजह से एक साल पहले अप्रैल 2013 में पदोन्नति लेने से इनकार कर दिया था। जोशी के रिटायर होने से पहले ही उन्हें पदोन्नति कैसे दी गई, जबकि यदि कोई व्यक्ति पदोन्नति से इनकार करता है तो उसके दोबारा पदोन्नति पर दो साल के अंदर विचार नहीं किया जा सकता है। दैनिक दुनिया डॉट काम के इस सवाल पर निगम के एमडी कहते हैं कि उन्हें जानकारी नहीं है कि पहले उन्होंने इनकार किया था। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या प्रबंध तंत्र बिना वयक्ति की पत्रावली देखे ही उसकी पदोन्नति पर विचार कर रहा है। 

यही नहीं, यहां के एमडी आरके गोयल बड़े-बड़े कारनामे करने में भी माहिर बताए जाते हैं। पहले, उन्होंने निजी सचिव एनएन जोशी को गलत तरीके से पदोन्नति दी और उसके बाद में आफिस में बनाए रखने के लिए संविदा पर तैनाती दे दी।  कहा जाता है कि एमडी कोई भी रहा हो एनएन जोशी दलाली और कमाई करवाने में माहिर है। यही वजह है कि एनएन जोशी को 19 हजार 800 रुपए मासिक की संविदा पर तैनाती दे दी गई।

फाइल फोटोः यूपी राजकीय निर्माण निगम।