Friday, September 3, 2021

जानिए, लड़कियों की सेल्फ डिफेंस को लेकर IG नवनीत सिकेरा का नजरिया

DSC_1607मेरी बेटी ने सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग से लड़के को चटाई धूलः नवनीत सिकेरा

लखनऊ (अखिलेश कृष्ण मोहन)।। लड़कियों को कभी भी विषम परिस्थितियों में घबराना नहीं चाहिए। उन्हें सबसे पहले ऐसे मामलों में घूरकर देखना चाहिए और विरोधी के चेहरे पर ताबड़तोड़ वार करना चाहिए, क्योंकि चेहरा सबसे कोमल अंग है। इससे दुश्मन घबरा जाएगा। इसके बाद खुद महिला या लड़की को आवाज देते हुए, जहां पर ज्यादा लोग हों, वहां पर जाना चाहिए। ये बातें सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग के दौरान 1090 वीमेन पॉवर लाइन के आईजी नवनीत सिकेरा ने लड़कियों में जोश भरते हुए कही है। यह ट्रेनिंग अभी सेल्फ प्रोटेक्शन ट्रस्ट की ओर से दी जा रही थी।

आईजी नवनीत सिकेरा ने सेल्फ डिफेंस को लेकर अपनी बेटी का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि वह लगातार प्रेक्टिस करती रहती है। एक बार उसने एक लड़के को प्रेक्टिस करते हुए पल भर में धूल चटा दी थी। वह जमीन पर लेट गया था। संजोग से वह घर की बालकनी से उसका वीडियो बना रहे थे, वह भी उनके पास है और वह खुद बेटी के लिए पंचिंग बैग का काम करते हैं। हर लड़की को प्रेक्टिस करना चाहिए। घर पर ऐसे पंचिंग बैग रखने चाहिए और लगातार प्रेक्टिस करनी चाहिए।

नवनीत सिकेरा ने आगे कहा कि लड़कियों का दिमाग भी लड़कों की तुलना में तेज होता है। उनके साथ पढ़ने वाली लड़कियों का दिमाग भी काफी तेज था। लड़कियां किसी भी ट्रेनिंग को लड़कों की तुलना में तेजी से सीख सकती हैं। यही वजह है कि यदि लड़कियों ने सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग सही तरीके से ले ली तो वह खुद ही लड़कों का मुकाबला कर सकेंगी।

DSC_1621हमले को लेकर आईजी नवनीत सिकेरा का कहना है कि हाथ में जो भी हो कभी भी छेड़खानी या विषम परिस्थितियों में पड़ने पर तुरंत फेंककर हमला कर देना चाहिए। जहां तक हमला चेहरे पर ही या आंख के करीब ही करना चाहिए। क्यों कि इससे बदमाश ज्यादा चोटिल हो जाएगा और भाग जाएगा।

फोन करने को लेकर नवनीत सिकेरा का कहना है कि कभी भी ऐसे हालात हों तो 100 या 1090 पर जितनी जल्दी हो जानकारी देनी चाहिए। इससे बदमाश को पकड़ने और कार्रवाई करने में मदद मिलती है।

वीमेन पावर लाइन 1090 के प्रभारी कुंवर राघवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि इस ट्रेनिंग से महिलाओं और लड़कियों का मनोबल बढ़ा है। उन्होंने सभी लड़कियों को चुप्पी तोड़ने और खुलकर बोलने की सलाह भी दी। साथ ही यह भी कहा है कि ट्रेनिंग लेने के बाद लड़कियां हर मुकाबले के लिए तैयार रहती हैं। लड़कियों को ट्रेनिंग दे रहे यशभारती सम्मान से सम्मानित अभिषेक यादव का कहना है कि लड़कियों के साथ हो रही छेड़खानी को इससे रोका जा सकता है। यह ट्रेनिंग दो से तीन दिन में ही सीखी जा सकती है, लेकिन इसकी प्रेक्टिस लगातार करनी होगी।DSC_1641

सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग ले रही राधिका का कहना था यह ट्रेनिंग आत्म विश्वास को बढ़ाती है। इससे हम मुकाबला करने के लिए तैयार होते हैं। सृष्टी का कहना था कि यह ट्रेनिंग अन्य लड़कियों को भी दी जानी चाहिए। इसे कम समय में सीखा जा सकता है। इससे कई फायदें हैं। लड़कियां संकट के समय में अकेली होती हैं, ऐसे में यह ट्रेनिंग और तकनीक काफी कारगर है।

ट्रेनिंग के दौरान पूर्व मंत्री स्वर्गीय राजेंद्र राणा की बेटी प्रियंवदा राणा, महिला सम्मान प्रकोष्ठ की इंस्पेक्टर सत्या सिंह समेत दर्जनों अधिकारियों ने भी 1090 वीमेन लाइन पहुंचकर लड़कियों को दी जा रही ट्रेनिंग को सराहा है और इसे पूरे प्रदेश में दिए जाने की अपील की है।

फोटोः रविवार को 1090 वीमेन पॉवर लाइन में ट्रेनिंग के दौरान की विभिन्न तस्वीरें।