Monday, September 6, 2021

सीपी को नहीं है अखिलेश यादव के आदेशों की परवाह, पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ ठोक रहे ताल

GORAKHPURउठने लगी सीपी चंद के पार्टी से निकाले जाने की आवाज, मुलायम सिंह यादव कल ले सकते हैं कड़ा फैसला

लखनऊ (अखिलेश कृष्ण मोहन)।। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सक्रियता को लेकर भले ही पूरे देश में चर्चा होती है, लेकिन गोरखपुर एमएलसी चुनाव में दो उम्मीदवार होने का रहस्य वह सुलझाने में वह नाकाम रहे हैं। इसकी वजह से सीपी चंद और जेपी यादव के बीच तकरार बढ़ती जा रही है। पार्टी मुख्यालय से जेपी यादव के समर्थन के पत्र को भी सीपी ने मानने से इनकार कर दिया है। पूरे मामले पर कार्रवाई अभी तक न हो पाने की वजह से यहां जेपी और सीपी दो-दो उम्मीदवार मैदान में होने का दावा कर रहे हैं। खबर है कि कल मुलायम सिंह यादव पूरे मामले को लेकर कार्रवाई का निर्देश जारी कर सकते हैं।

गौरतलब है कि सबसे पहले पार्टी सुप्रीमो की ओर से जेपी यादव को ही एमएलसी का उम्मीदवार बनाया गया था। चुनाव प्रचार शुरू होने के बाद सीपी चंद को टिकट दे दिया गया। इसके बाद सपा ने फिर उम्मीदवार बदलते हुए जेपी यादव को ही प्रत्याशी बरकरार रखते हुए सीपी को बैठने को कहा, लेकिन सीपी अब पार्टी हाईकमान को भी मानने को तैयार नहीं हैं। यही वजह है कि गोरखपुर में दो एमएलसी उम्मीदवार पार्टी के समर्थन का दावा कर रहे हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, शिवपाल यादव के साथ ही महासचिव अरविंद गोप ने पत्र जारी कर जेपी के समर्थन में भ्रम को दूर करने की कोशिश की थी, इसके बाद भी गोरखपुर में सीपी के बगावती शुरू की वजह से मामला शांत होता नहीं दिख रहा है।MOHSIN AHMAD

पर्चा वापस न लेने की वजह से सीपी हो गए उम्मीदवार

गोरखपुर के समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष मोहसिन खां का कहना है कि जेपी यादव ने सबसे पहले पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए आठ फरवरी को पर्चा भरा था। इसके बाद पार्टी के ही टिकट पर 15 फरवरी को सीपी चंद ने पर्चा भर दिया। जब सीपी का टिकट बदला गया तो उन्होंने कहा कि मैं लखनऊ में हूं। इस लिए पर्चा बाद में वापस ले लुंगा। 18 तारीख पर्चा वापस लेने की तारीख थी, इसे बीतते ही सीपी का बयान बदल गया। उन्होंने पर्चा वापस न लेकर पार्टी के टिकट मिलने का झूठा दावा करने लगे और बाद में पर्चा दाखिल करने की वजह से तकनीकी रूप से उनका नाम बैलेट पेपर में चला गया।

योगी आदित्यनाथ से मिले हैं सीपी

समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष मोहसिन खां का कहना है कि सीपी चंद भाजपा सांसद योगी आदित्य नाथ से मिले है। भाजपा और बसपा से मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं जेपी यादव के चुनाव संचालक और जिला पंचायत सदस्य रजनीश यादव का कहना है कि सीपी को पार्टी से निकाला जाना चाहिए। वह पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। जब पार्टी ने टिकट बदल दिया, इसके बाद इसे न मानना पार्टी के खिलाफ है। यदि ऐसा ही होता रहा तो आने वाले दिनों में अन्य नेता भी पार्टी हाईकमान को ठेंगा दिखाएंगे। गोरखपुर के सपा जिला सचिव अशोक यादव ने भी ऐसे हालात पर नाराजगी जताई है। उन्होंने दैनिक दुनिया डॉट कॉम से कहा है कि सीपी चंद ने मुख्यमंत्री और मुलायम सिंह यादव को अनसुना कर दिया है। उन्हें गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा।

हो सकता था निर्विरोध चयन

यदि समय रहते सीपी चंद पर्चा वापस ले लेते तो जेपी यादव गोरखपुर से निर्विरोध एमएलसी हो जाते। यहां चुनाव को लेकर पार्टी की जो फजीहत हो रही है वह पार्टी को कमजोर ही करेगी। लोगों का तो यहां तक कहना है कि इसका असर यूपी विधानसभा चुनाव में भी पड़ेगा।a4d7b8ca-5528-472b-a935-f569e59e8175

फोटोः फाइल।