Monday, September 6, 2021

क्या पीएम मोदी विजय माल्या की चौकीदारी करने से चूक गए

55a53c30c2bc3.imageलखनऊ (अखिलेश कृष्ण मोहन)।। वाकई अब यह सवाल लाजमी है जब देश में गरीबी और गरीब की बात होती हो और यहां का एक उद्योगपति और कथित तौर पर एक नेता 17 बैंकों का नौ हजार करोड़ रुपया लेकर फरार हो जाए। वह भी तब जब देश के प्रधानमंत्री ने चुनाव के दौरान खुले मंच से कहा हो कि वह देश की चौकीदारी करेंगे। उन्हें साहब नहीं चौकीदार बनाइए। ऐसे में विजय माल्या का देश से भाग जाना संदेह पैदा करता है।

यही नहीं, जिस नेता ने देश की सीबीआई और अन्य एजेंजियों को चकमा दिया है, वह भी उसी पार्टी का है जिस पार्टी के प्रधानमंत्री है। देश में बहुमत की सरकार न होने को लेकर तो दलील दी जा सकती थी कि गठबंधन में ऐसे धर्म निभाने पड़ते हैं, लेकिन यहां तो देश की जनता ने पूरी बागड़ोर ही मोदी के हाथ में सौंप दी थी। फिर ऐसा क्यों हो रहा है। एक कैलेंडर छाप कारोबारी करोड़ों रुपए लेकर विदेश भाग जाता है और एक हजार रुपए वसूलने के लिए बैंक वाले पुलिस वालों के साथ किसान के घर पहुंच जाते हैं।

गौरतलब है कि विपक्ष के मुताबिक, सीबीआई को पता था कि विजय माल्या देश से भागने वाले हैं, लेकिन उन्हें अरेस्ट नहीं किया गया। ये भी सवाल उठ रहे हैं कि जिस शख्स के खिलाफ लुक आउट नोटिस अक्टूबर से जारी हो चुका हो, वह चार बार विदेश कैसे जा सकता है?

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय ने आईडीबीआई लोन धोखाधड़ी मामले में क़ारोबारी विजय माल्या को नोटिस जारी किया है। प्रवर्तन निदेशालय अब निष्क्रिय हो चुकी किंगफ़िशर एयरलाइन्स के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफ़ओ) ए रघुरामन से पूछताछ कर रहा है कि कैसे आईडीबीआई के बैंक लोन का एक हिस्सा देश के बाहर ले जाया गया। दरअसल भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने 9000 करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज़ नहीं चुका पाने के मामले में माल्या के ख़िलाफ़ कोर्ट और ट्रिब्यूनल में अपील की है।

फोटोः फाइल।