Tuesday, August 31, 2021

आदरणीय मोदीजी अगली बार कब निकालेंगे आंख से पानी

modi-rohith-vemulaलखनऊ (अखिलेश कृष्ण मोहन)।। भाई कोई कुछ भी कहे, लेकिन हमारे प्रधानमंत्रीजी गजब के गंभीर मिजाज के हैं। वह जरूरी मुद्दों पर बोलते ही नहीं। या बोलने की जरूरत समझते ही नहीं है और कभी कुछ मुद्दों पर बोलते हैं तो फिर बोलते ही रहते हैं। कभी उनके आंख से पानी निकल आता है तो कभी दूसरे के आंख से पानी निकाल लेते हैं। जैसे इस बार जेएनयू के छात्रों की आंख से पानी निकाल रहे हैं। वह जेएनयू मामले को लेकर गंभीर हो गए हैं। ठीक उसी तरह जिस तरह से रोहित बेमुला मुद्दे को लेकर गंभीर हुए थे। हालांकि उनके आंसू कहां निकलेंगे, यह कोई नहीं जानता। उनकी गंभीरता कहां पर टूटेगी या तोड़ी जाएगी, यह बतापाना मुश्किल है। लखनऊ में उनकी गंभीरता तब टूटी जब दलित छात्रों ने गो बैक मोदी गो बैक के नारे लगा दिए।

अब इंतजार इस बात का है कि मोदी के सलाहकार उन्हें अगली बार कब जेएनयू मामले पर बोलने के लिए कहेंगे। इसे कहते हैं सही राजनेता, वह जो कुछ करता है, वही सही है। जब मनमोहन पीएम थे तो मोदी उनके कम बोलने को लेकर सवाल उठाते थे, अब खुद भी सलेक्टिव स्पीकर हो गए हैं। पूरे लोकसभा चुनाव में जुबान को ऐसी ट्रेनिंग दी मोदी ने कि वह केजरीवाल का नाम तक भूल गई, जबकि केजरीवाल उन्हें बोलने के लिए उकसाते रह गए। अंत में मोदी लोकसभा चुनाव ही नहीं जीते अपनी जिद को लेकर केजरीवाल से न बात करने को लेकर भी वह जीत गए।

जेएनयू मामले पर बुधवार को लोकसभा में जमकर हंगामा मेंहुआ, लेकिन मोदी नहीं बोले, स्मृति ईरानी ने मंच लूटा तो मोदी जी देखते ही रह गए। हैं न गजब के पीएम…। मोदी जी आपको शुभकामनाएं इसके लिए कि आप कुछ मामलों में मनमोहन सिंह की नकल कर रहे हैं। वाकई आप होशियार हैं। समय पर ही चौका और छक्का मारा जाता है, नहीं तो कैच होने या बोल्ड होने का डर बना रहता है। आपको समझदारी के साथ बैटिंग करने के लिए मुबारकबाद…।

फोटोः फाइल।