Sunday, September 5, 2021

यूपी में इस पुरस्कार से आएगा बदलावः अभिषेक यादव

a2वर्ष 1994 में मुलायम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री रहते हुए यश भारती पुरस्कार देने की शुरुआत की थी। अन्य सरकारों को यश भारती रास नहीं आता है। वह इसे बंद कर देती हैं, इस लिए इसे समाजवादी सम्मान भी कहा जा सकता है।

अखिलेश कृष्ण मोहन

लखनऊ ।। यश भारती पुरस्कार से सम्मानित हस्तियों को यूपी सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। अब उन्हें जीवन के किसी भी मोड़ पर दाने-दाने के लिए दूसरों के आगे हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हर महीने 50 हजार रुपए पेंशन मिलेगी, तो निश्चित रूप से दूसरों का नजरिया भी उनके प्रति बदलेगा। यश भारती पुरस्कार से सम्मानित लोगों को इतनी बड़ी राशि पेंशन के रूप में देने के फैसले को अखिलेश यादव सरकार का एक बड़ा फैसला माना जा सकता। हालांकि यूपी में चुनाव अभी दूर हैं, नहीं तो इसे चुनावी चश्मे से ही देखा जाता। इस पुरस्कार के तहत अभी तक 11 लाख रुपए दिए जाते हैं। यश भारती पुरस्कार से मॉर्शल ऑर्ट में सम्मानित अभिषेक यादव कहते हैं कि सरकार के इस फैसले से साहित्यकारों की सोच और उनकी प्रदेश में उपस्थिति के बारे में बदलाव आएगा।

एक ही परिवार में सबसे अधिक संख्या में यश भारती पाने वालों में अमिताभ बच्चन का परिवार ही है। इस परिवार में अमिताभ बच्चन के पिता हरिवंशराय बच्चन, अमिताभ बच्चन, जया प्रदा को एक साथ और अभिषेक बच्चन को बाद में यश भारती मिल चुका है।

यूपी सरकार ने 1994 से लेकर अब तक 143 लोगों को यह सम्मान दिया है। इनमें बहुत से ऐसे कलाकार, गायक, खिलाड़ी, लेखक, कवि, पहलवान व अन्य लोग हैं, जो वक्त गुजरने के साथ मुफलिसी की हालत में हैं। पद्म पुरस्कार पाने वालों में कुछ का गुजारा भी मुश्किल से होता है।

यश भारती सम्मान पाने वालों की सूची

वर्ष 2015 में अलग-अलग क्षेत्रों में राज्य का नाम रोशन करने वाली 56 हस्तियों को राज्य सरकार के सर्वोच्च सम्मान यश भारती पुरस्कार से सम्मानित किया। इस वर्ष 2013-14 और 2014-15 के लिए ये सम्मान दिया गया। सम्मानित की जाने वाली हस्तियों को पुरस्कार स्वरूप 11 लाख रुपए की धनराशि दी गयी। मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्री रहते हुए ही वर्ष 1994 में यश भारती पुरस्कार की शुरुआत की गई थी।

पंडित राजन-साजन मिश्र (शास्त्रीय गायन), अनूप जलोटा (गायन), शुभा मुद्गल (शास्त्रीय गायन), रवींद्र जैन (संगीतकार), पंडित विकास महाराज (सरोद वादन), रेखा भारद्वाज (सुगम संगीत), प्रो. रीता गांगुली (उपशास्त्रीय गायन), कैलाश खेर (गायन), राहत अली खां साबरी (गजल, गीत व सूफी गायन), हीरालाल यादव (लोकगायन), वंश गोपाल यादव (आल्हा गायन), विष्णु यादव (बिरहा गायन) साहित्य, लोदी मोहम्मद सफी खां उर्फ ‘बेकल उत्साही’, देवी प्रसाद पांडेय ‘अडिग’, प्रो. माता प्रसाद त्रिपाठी, खुशबीर सिंह ‘शाद’, डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी, डॉ. विष्णु सक्सेना, हामिद उल्लाह ‘हामिद’ कला प्रो. जयकृष्ण अग्रवाल (चित्रकार), राजकुमार वर्मा (चित्रकार, माइक्रो-पेंटिंग), कृष्ण कन्हाई व गोविंद कन्हाई (स्वर्ण-चित्रकार), इफ्तिखार नदीम खां (काष्ठ-कला) शिक्षा डॉ. जगदीश गांधी, प्रो. भगीरथ प्रसाद त्रिपाठी ‘वागीश शास्त्री’ नृत्य डॉ. कुमकुम धर (कथक नृत्य), गीतांजलि शर्मा (चरकुला नृत्य) फिल्म गीतकार शीतला पांडेय ‘समीर’ (फिल्म गीतकार), योगेश गौड़ (गीतकार) लोक रंगमंच डॉ. उर्मिल कुमार थपलियाल खेल, अशोक कुमार सिंह (हॉकी), लाल बचन यादव (कुश्ती), मुनव्वर अंजार (जूडो), डॉ. आरपी सिंह (खेल), धर्मेन्द्र यादव (मुक्केबाजी), भगत सिंह (कुश्ती), विजय पाल यादव (कुश्ती), राजेश कुमार यादव (नौकायन), अभिषेक यादव (मार्शल-आर्ट), श्वेता प्रियदर्शिनी (शतरंज), अवनीश कुमार यादव (खेल), अल्का तोमर (महिला कुश्ती), पूनम यादव (भारोत्तोलन), राजकुमार (कुश्ती), चिकित्सा एवं विज्ञान प्रो. हकीम सैय्यद जिल्लुर्रहमान (यूनानी चिकित्सा), बुद्धि प्रकाश (योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा), डॉ. सीएस यादव (चिकित्सा), डॉ. राकेश यादव (चिकित्सा), टीपी त्रिवेदी (ज्योतिष विज्ञान), विनोद मेहता (पत्रकारिता) जसजीत सिंह गिल उर्फ जिम्मी शेरगिल (फिल्म अभिनय), नवाजुद्दीन सिद्दीकी (समाजसेवा) गिरधर लाल मिश्र ‘जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी भद्राचार्य, दर्शन सिंह यादव, रमेश भइया सैन्य सेवा योगेंद्र सिंह यादव।

क्या कहते हैं प्रमुख सचिव सूचना

प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल कहते हैं कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 50 हजार की यह पेंशन स्कीम इन्हीं लोगों को ध्यान में रख कर शुरू की है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर यश भारती पुरस्कार से सम्मानित लोगों की मदद हो और वह आगे का जीवन सम्मान के साथ जी सकें।

जिसने शुरू किया यश भारती उसे ही नहीं मिला सम्मान

सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने अपने दूसरे मुख्यमंत्रितत्वकाल में ही एक लाख रुपए का यश भारती पुरस्कार शुरू किया था। उन्होंने प्रख्यात कवि डॉ. हरिवंशराय बच्चन को उनकी बीमारी के कारण खुद मुंबई जाकर यह सम्मान दिया था। वहीं बताया जाता है कि एक फिल्मकार ने उसी दौर में मुलायम को चिट्ठी लिखकर यश भारती खुद को दिए जाने की मांग रखी थी और मुलायम ने उन्हें भी यश भारती से नवाजा था। खास बात यह कि इसके बाद भाजपा बसपा गठबंधन सरकार का लंबा दौर चला। इस दौरान यश भारती पुरस्कार बंद कर दिए गए। मुलायम जब तीसरी बार 2003 में मुख्यमंत्री बने तब फिर यश भारती का सिलसिला शुरू हुआ। इसके बाद बसपा सरकार में पूरे पांच साल यह पुरस्कार नहीं बाटे गए। जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने यश भारती पुरस्कार न केवल फिर शुरू करवाए बल्कि इसकी रकम भी 11 लाख रुपए कर दी। इसमें सबसे अहम है कि मुलायम ने भले ही यश भारती पुरस्कार शुरू किया है, लेकिन उन्हें या उनके परिवार में किसी को भी यश भारती नहीं मिला है।

पेंशन का लाभ जरूरमंदों को ही मिलेगाः सीएम

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि यूपी का नाम रोशन करने वाली प्रतिभाओं के सम्मान व गरिमा को बनाए रखने के मकसद से राज्य सरकार ने यश भारती पुरस्कार तथा पद्म सम्मान से अलंकृत लोगों के लिए पेंशन योजना शुरू की है। पेंशनयोजना का लाभ जरूरतमन्द पात्र व्यक्तियों को ही प्रदान किया जाएगा। समाजवादी सरकार ने हमेशा प्रतिभा और योग्यता का सम्मान किया है।

पहले साल अमिताभ बच्चन के घर गया था तीन यश भारती सम्मान
* डॉ. हरिवंश राय बच्चन
* अमिताभ बच्चन
* जया बच्चन

पुरस्कार की तरह पेंशन पर भी खतरा

* अब तक 143 लोगों को यह सम्मान मिल चुका है।
* शुरुआत में अवॉर्ड मनी पांच लाख रुपए थी। इसे बढ़ाकर 11 लाख रुपए कर दिया गया है।
* अवॉर्ड हर साल कितने लोगों को दिया जाएगा यह तय नहीं है।
* सपा के सत्ता में नहीं रहने पर दूसरी सरकारें इसे बंद कर देती हैं।
* देश का सबसे ज्यादा पेंशन देने वाला पुरस्कार बन गया है।
* सवाल ये भी उठ रहे हैं कि क्या पुरस्कार की तरह सरकार बदलते ही पेंशन भी बंद हो जाएगी।

फोटोः महिला पॉवर लाइन 1090 में थारू जनजाति की लड़कियों को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग देते हुए अभिषेक यादव अभी।