Tuesday, September 7, 2021

योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, अब फैजाबाद कहलाएगा अयोध्या !

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शहरों के नाम बदलने को लेकर जमकर राजनीति हो रही है। इस बीच यूपी कैबिनेट ने फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मंगलवार को लखनऊ में हुई कैबिनेट की बैठक में 10 प्रस्ताव लाए गए थे जिनमें से फैजाबाद का नाम अयोध्या करने करने के अलावा इलाहाबाद मंडल का नाम प्रयागराज मंडल और फैजाबाद मंडल का नाम अयोध्या मंडल करने का भी प्रस्ताव था जिसे सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई।

योगी कैबिनेट

बता दें कि दिवाली के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की थी कि फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या रखा जाएगा। उन्होंने इस दौरान और भी कई घोषणाएं की थीं।

बता दें कि इससे पहले राज्य सरकार ने इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज रख दिया था। राज्य में नाम बदलने की इस कवायद का विरोध भी हो रहा है। वहीं कई भाजपा नेता अन्य शहरों के नाम भी बदलने की मांग कर रहे हैं। हाल ही में भाजपा विधायक जगन प्रसाद ने एक बयान में कहा था कि वो मुख्यमंत्री से आगरा का नाम अग्रवन रखने की अपील करेंगे।

सरकार बदल सकती है लखनऊ चिड़ियाघर का नाम

उप्र सरकार नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान, लखनऊ का नाम बदल सकती है। इस चिड़ियाघर का नाम पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा जा सकता है। प्रदेश सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर रही है। 25 दिसंबर को अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर यह सौगात लखनऊ वासियों को मिल सकती है।

दरअसल, अखिलेश यादव सरकार ने 23 जून, 2015 को लखनऊ चिड़ियाघर का नाम नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान रख दिया था। शाह अवध के नवाब थे। सोमवार को जब वन मंत्री दारा सिंह चौहान से पत्रकारों ने लखनऊ चिड़ियाघर का नाम अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखने के बारे में प्रश्न किया तो उन्होंने कहा कि सरकार सही समय पर सही निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि सरकार की सभी चीजों पर निगाह है समय आने पर निर्णय लिया जाएगा।

रामायण काल में फैजाबाद का नाम था

साकेत रामायणकाल में फैजाबाद का नाम साकेत था। अयोध्‍या नगरी फैजाबाद जिले में ही आती है, अब जिले का नाम भी बदलकर अयोध्‍या कर दिया गया है। भगवान जब वनवास के लिए जा रहे थे तब भरत उनसे मिलने जिस जगह पर आए थे, वह फैजाबाद मुख्यालय से सिर्फ 15 किमी की दूरी पर है। यहां भरतकुंड भी है।

ऐसे बदलता है शहर का नाम

– किसी शहर के स्थानीय लोग या जनप्रतिनिधि नाम बदलने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजे
– राज्य मंत्रिमंडल प्रस्ताव पर विचार करती है और मंजूरी देने के बाद राज्यपाल की सहमति को भेजती है
– राज्यपाल प्रस्ताव पर अनुंशसा देने के साथ अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय गृहमंत्रालय को भेजता है
– गृहमंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद राज्य सरकार नाम बदलने की अधिसूचना जारी करती है