Friday, September 3, 2021

योगी के मंत्री बोले- अयोध्या में बनेगा राम मंदिर, सुप्रीम कोर्ट के जज को भी पता है !

शााहजहांपुर। अयोध्या में भगवान राम के मंदिर निर्माण को लेकर बढ़ी हुंकार के बीच योगी आदित्यनाथ के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने भी लंबी छलांग लगा दी है।

धर्मपाल सिंह

सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर हो रहे विलंब पर सुप्रीम कोर्ट को कठघरे में खड़ा किया है। मंत्री ने कहा कि यह तो सुप्रीम कोर्ट के जज भी जानते हैं कि भगवान श्रीराम का जन्म अयोध्या में हुआ था, इसके बाद भी मंदिर निर्माण के निर्णय में विलंब कर रहे हैं।

सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि जनता के साथ सुप्रीम कोर्ट के जज भी जानते हैं कि अयोध्या राम की जन्मस्थली है। वहां मंदिर बनने से कोई भी रोक नहीं सकता। उन्होंने कहा कि हमें तो अश्चर्य हो रहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर को निर्णय लेने में कोताही क्यों बरती।

कैबिनेट मंत्री ने कहा मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाने की जरूरत से इन्कार किया। धर्मपाल सिंह ने कहा कि जो सब में रमण करता है वो राम हैं और अयोध्या में राम का भव्य मंदिर बनेगा। धर्मपाल सिंह योगी सरकार में बहुत अहमियत रखते हैं। गोरखपुर के प्रभारी मंत्री भी हैं।

सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने राम मंदिर पर कहा कि सभी जज भी जानते हैं कि अयोध्या भगवान राम की जन्मभूमि है, पर सुप्रीम कोर्ट इस मामले में कोताही बरत रहा है। राम मंदिर निर्माण हो रही देरी के लिए सुप्रीम कोर्ट दोषी है। यह मेरी समझ में नहीं आता कि कोर्ट ऐसा कैसे कर सकता है।

अयोध्या में संतों की हलचल और चुनाव के दौरान मंदिर मुद्दे को उठाए जाने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के कारण राम मंदिर के निर्माण में विलंब हो रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के हर जज को पता है कि भगवान श्रीराम का जन्म अयोध्या में हुआ था। इसके बाद भी वह पता नहीं क्यों मंदिर निर्माण के निर्णय को लेकर इतना विलंब कर रहे हैं।

धर्म सिंह ने कहा कि पिछला चुनाव नरेंद्र मोदी ने विकास के नाम पर लड़ा ‘सबका साथ सबका विकास’। जब हम राम का नाम लेते हैं तो आपलोग कहते हो राम के नाम पर वोट मांग रहे हो, और जब नाम न लो तो कहते हो राम को भूल गए। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बनेगा, इसे कोई ताकत नहीं रोक सकती। प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल में न्याय सबको मिलेगा, तुष्टिकरण किसी का नहीं होगा।