Tuesday, August 31, 2021

योगी सरकार में 2490 लोगों की और जा सकती है नौकरी, विजिलेंस जांच के आदेश

लखनऊ. योगी सरकार ने अखिलेश यादव सरकार में हुए एक और भर्ती को रद करने की तैयारी कर ली है। इसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि 2490 लोगों की नौकरियों पर संकट के बादल मड़राने लगे हैं। इसके पहले भी कई लोगों को कम्पलसरी रिटायरमेंट दे दी गई है। कुछ विभागों की भर्तियों की जांच अभी चल रही है। – dainikdunia.com

योगी सरकार

क्या है पूरा मामला

योगी सरकार ने राज्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में 2490 अनुदेशकों की भर्ती में हुए घोटाले की जांच सतर्कता विभाग को सौंपी है। इससे तय माना जा रहा है कि इन अनुदेशकों की नौकरी पर भी संकट आ सकता है।

विधानसभा चुनाव से ठीक पहले करीब ढाई हजार अनुदेशकों की भर्ती हुई। योगी सरकार का कहना है कि इसमें निर्धारित अर्हताओं को दरकिनार कर अयोग्य अभ्यर्थियों को नौकरी दी गई है।

उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार  (योगी सरकार) आने के बाद लिखित परीक्षा की बजाय सीधे इंटरव्यू लेकर अपने-अपने चहेतों की भर्ती करने के आरोप भी राजनेताओं से लेकर बड़े अफसरों पर लगे थे।

सांसद ने की शिकायत

शिकायत करने वालों में बरेली से सांसद और केन्द्र सरकार में मंत्री संतोष गंगवार से लेकर विधायक तक थे। इसी के बाद मुख्यमंत्री ने इन भर्तियों की जांच करने का जिम्मा सतर्कता विभाग को सौंपा।

सतर्कता विभाग इस बात की भी जांच करेगा कि भर्तियों में अनियमितता बरते जाने की याचिका कोर्ट में विचाराधीन होने के बावजूद व्यावसायिक शिक्षा विभाग को ऐसी क्या जल्दी थी कि उसने विधानसभा चुनाव से पहले आनन-फानन भर्ती का रिजल्ट घोषित कर दिया।

अधीनस्थ चयन सेवा आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ चयन सेवा आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति योगी सरकार में आज तक नहीं हो पाई है। इसकी वजह से हजारों लोगों की नौकरियां फंसी हुई हैं। इसे योगी सरकार में नौकरियों पर ब्रेक के तौर पर भी देखा जा रहा है।

फोटोः फाइल।