Thursday, September 2, 2021

जेएनयू छात्रों को जी न्यूज ने बना दिया गुनहगार, शहीदों को खबर बनाकर बेचा

zee-newsलखनऊ (dainikdunia.com) ।। जी न्यूज चैनल पर जेएनयू ऑपरेशन मनमानी तरीके से चल रहा है। यहां बस तो नहीं चल रहा, नहीं तो आरक्षण की मांग को भी देशद्रोह करार दे देते। जिन छात्रों को पुलिस गिरफ्तार तक नहीं कर पाई और पूछताछ होनी तो दूर की बात है, लेकिन जी न्यूज चैनल उन्हें गुनहगार बताने में जुटा है। गुनहगार और आरोपियों की परिभाषा में भी लाखों रुपए वेतन पाने वाले अंतर नहीं कर पा रहे हैं। ये वही चैनल हैं जिन्हें हम लोकतंत्र का चौथा खम्भा कहते हैं। इस तरह मिक्सअप तरीके की रिपोर्टिंग का पूरा मकसद आरक्षण और जेएनयू मामले से लोगों का ध्यान हटाना है।

शहीदों को लेकर हर स्तर पर प्रेरणाप्रद रिपोर्टिंग की जाती रही है। उन्हें मदद दिलाने को लेकर भी मीडिया आगे आता रहा है, लेकिन जी न्यूज ने इसे जेएनयू मामले से मिक्सअप कर परोस दिया। इस चैनल ने यह भी दिखा दिया कि ये पांच जेएनयू के गुनहगार पांच शहीदों की कहानी को सुनें।

जेएनयू वही चैनल है, जिसके पत्रकार कैमरे के सामने न केवल दलाली में पकड़े गए बल्कि कई दिनों तक पुलिस के इंट्रोग्रेशन के शिकार हुए, जेल में रहे, पत्रकारिता जैसे पेशे को भी बदनाम कर दिया। इसके बाद भी यह चैनल इन्हीं कथित तौर पर दलाल जाने जाने वाले चेहरों को आगे बढ़ाकर संस्थान चलवा रहा है। हाल ही में एक वरिष्ठ पत्रकार ने जी न्यूज से यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया कि यहां न्यूज रूम में केंद्र सरकार और मोदी के अलावा कुछ नहीं दिखाया जाता है। हर खबर में मोदी का नजरिया घुसेड़ा जाता है।

जी न्यूज का यह मीडिया ट्रायल इस लिए चल रहा है, जिससे लोगों का ध्यान जेएनयू मामले से भटकाया जा सके। सूत्रों की माने तो यह सब केंद्र सरकार के इशारे पर चल रहा है। हर टीवी चैनल केंद्र सरकार की चापलूसी कर ज्यादा से ज्यादा मोदी का करीब बनने की कोशिश में जुटा। इन टीवी चैनलों के लिए यही देशभक्ति है। सूत्रों की माने तो जी न्यूज ही नहीं, बल्कि सभी चैनलों को सरकारी विज्ञापन का डर दिखाकर सबकुछ दिखाने के लिए मजबूर किया जा रहा है और ये चैनल वह सबकुछ कर रहे हैं जो केंद्र सरकार चाहती है।

फोटोः जी न्यूज पर चल रही खबर की तस्वीर।